जलगाँव, 18 सितम्बर :
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में मात्र “ आय लव मुहम्मद” लिखने पर 25 निर्दोष मुस्लिम युवकों पर एफआईआर दर्ज की गई। इस कार्रवाई के खिलाफ जलगाँव जिला एकता संगठन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को निवेदन भेजकर इसे संविधान और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला करार दिया है।
एकता संगठन के फारूक शेख ने कहा कि “आई लव मुहम्मद” लिखना किसी धर्म का अपमान नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रेम और आस्था की अभिव्यक्ति है। इसे अपराध बताना लोकतंत्र और संविधान की आत्मा पर कुठाराघात है।
संगठन ने संविधान की धाराओं का हवाला देते हुए कहा –
अनुच्छेद 19(1)(ए) नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है।
अनुच्छेद 25 हर नागरिक को अपने धर्म का पालन और प्रचार करने का अधिकार देता है।
अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
एकता संघटन की माँगें :
- सभी निर्दोष युवकों पर दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाए।
- भविष्य में किसी भी समुदाय की धार्मिक आस्था और भावनात्मक अभिव्यक्ति पर इस तरह की असंवैधानिक कार्रवाई न हो।
- देश में हर नागरिक की संवैधानिक समानता और धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
- एकता संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप कर निर्दोष युवकों को न्याय नहीं दिलाया तो यह लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा पर कलंक होगा।
संगठन के समन्यवयक शेख ने साफ कहा – “हम हर हाल में न्याय, समानता और भाईचारे की रक्षा करेंगे। किसी भी निर्दोष युवक पर झूठी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
एकता संगठन की ओर से हाफिज रहीम पटेल और हाफिज कासिम नदवीं ने आरडीसी श्रीमती निवृत्ति गायकवाड़ को निवेदन सौंपा।
इस वक्त संगठन के समन्वयक फारुख शेख नदीम मलिक,मुफ्ती खालिद, एडवोकेट आवेश शेख, अनीस शाह, शाहरिक मलिक, अकरम शेख, इमरान शेख, सैयद इमरान अली, अनवर सिकलगर, शाहिद शेख, शेख रेहान रजा, मूफीस बागबान, शाकीर मलिक, शारिक शेख, मजहर पठान, नजमुद्दीन शेख, सलीम इनामदार, अरबाज भिश्ती, कामरान शेख, कासिम शेख आदि उपस्थित थे।
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१) आरडीसी श्रीमती निवृत्ति गायकवाड को निवेदन देते हुए हाफिज रहीम पटेल और हाफिज, कासिम नदवी के साथ फारूक शेख, नदीम मलिक, मजहर खान, मतीन पटेल, अनीस शाह, अनवर खान, सलीम इनामदार नजर आ रहे हैं।
२) जिलाधिकारी गेट के बाहर निर्देशन करते हुए एकता संघटन के कार्यकर्ता।
३) आर डी सी श्रीमती निवृत्ति गायकवाड़ को निवेदन का सार सुनाते हुए फारूक शेख नजर आरहे है।
