वक्फ बचाओ समिति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का जोरदार स्वागत
अल्लाह का आभार मानते हुए मिठाई बाटी
वक्फ बचाओ समिति और एकता संगठन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर दिए गए ऐतिहासिक फैसले का जोरदार स्वागत किया है।
अदालत ने साफ कर दिया है कि कलेक्टर का फैसला अंतिम नहीं होगा और मुसलमानों के अधिकारों पर लगाई गई मनमानी शर्तें जैसे 5 वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना तुरंत स्थगित कर दीया गया हैं।
यह फैसला उन ताक़तों के लिए करारा जवाब है जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कुचलना चाहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर साबित किया है कि संविधान सर्वोपरि है और न्यायपालिका उसके संरक्षण की सबसे मज़बूत ढाल है।
वक्फ बचाओ समिति और एकता संगठन के समन्वयक फारूक शेख ने इस निर्णय को अल्पसंख्यक समाज के सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की जीत बताया है।
साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण और मनमाने कानून को समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
मुफ्ती रमीज ने जजमेंट की सुर्खिया बताई, मुफ्ती खालिद ने अगली रणनीति बताते हुए हमे क्या करना है इस पर रोशनी डाली। मतीन पटेल ने अपनी नाराजी उन लोगों के खिलाफ
जताई जिन्होंने वक्फ की प्रॉपर्टी अपने नाम करली, साथ ही वक्फ के जो अधिकारी भ्रष्ट है उन सब के खिलाफ कारवाई करने की मांग की।
सभी सभासदोने अल्लाह का शुक्र मानते हुए मिठाई खिलाई और घोषणा दी ।
न्याय की जीत – मनमानी पर हार!
सुप्रीम कोर्ट ज़िंदाबाद – संविधान ज़िंदाबाद!
हमारा हक़ – हमें मिलेगा!
वक्फ़ संपत्ति पर न अन्याय, न अत्याचार!
अल्पसंख्यकों का सम्मान – लोकतंत्र की पहचान!
एकता में है शक्ति – अन्याय के ख़िलाफ़ एकजुट
जल्लोष में थी इनकी हाजरी
मुफ्ती खालिद, मुफ्ती रमीज, मौलाना रहीम पटेल, मौलाना वसीम पटेल, फारूक शेख, नदीम मलिक, अनीस शाह, यूसुफ पठान, कासिम उमर, सलीम ईमानदार, मतीन पटेल, रज्जाक पटेल, मौलाना गुफरान, सैयद इरफान अली, आदी बड़ी तादात में कार्यकर्ता हाजिर थे।
फोटो
मिठाई खिलते हुए वक्फ बचाओ समिति और एकता संघटन के कार्यकर्ता
