सुलेमान खान हत्याकांड मंगलवार को हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई

न्याय के लिए एकता संगठन की बेखौफ लड़ाई जारी रहेगी : फारुक शेख

जलगांव : ये सिर्फ़ एक कत्ल नहीं,
ये इंसाफ़ के सीने पर लगाया गया ज़ख़्म है,
और इस ज़ख़्म का हिसाब लिया जाएगा।
जामनेर पुलिस स्टेशन अंतर्गत बेटावद गांव के 23 वर्षीय निर्दोष युवक सुलेमान खान रहीम खान पठाण की
10 से 15 लोगों की भीड़ द्वारा बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।
इस जघन्य हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और मामला जलगांव सत्र न्यायालय में सेशन कमिट हो गया है।
इसका सेशन नंबर 199/25 है।
मंगलवार को जलगांव सत्र न्यायालय में छह आरोपियों की ओर से जमानत पर बहस होने वाली थी,
लेकिन मुख्य फरियादी रहीम खान हाईकोर्ट की कार्यवाही में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके।
इस पर माननीय सत्र न्यायाधीश राजूरकर साहब ने अगली सुनवाई दिनांक 8 जनवरी को तय की।
औरंगाबाद हाईकोर्ट : पुलिस भूमिका पर गंभीर सवाल
इसी प्रकरण से संबंधित बॉम्बे हाईकोर्ट, औरंगाबाद खंडपीठ में दाखिल
रिट पिटीशन क्रमांक 1380/25 पर 6 जनवरी को सुनवाई हुई।
फरियादी पक्ष की ओर से एडवोकेट नसीम शेख ने प्रभावशाली और तीखे शब्दों में अदालत का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि—
पुलिस किस प्रकार राजनीतिक दबाव और प्रलोभन में कार्य कर रही है
पुलिस की लापरवाही और प्रक्रिया में जानबूझकर की गई देरी के कारण
शुरुआती चार आरोपियों को डिफॉल्ट बेल कैसे और किन परिस्थितियों में मिली
इन गंभीर दलीलों को संज्ञान में लेते हुए
माननीय उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को लिखित जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
मामले की अगली सुनवाई सोमवार, दिनांक 12 जनवरी को होगी।
अदालत में संघर्ष, सड़कों पर जागरूकता
हाईकोर्ट में फरियादी रहीम खान की ओर से एडवोकेट नसीम शेख,
जबकि जलगांव सत्र न्यायालय में एडवोकेट शरीफ पटेल एवं एडवोकेट मुख्तार पटेल मजबूती से पक्ष रख रहे हैं।
इस पूरी कानूनी लड़ाई में
एकता संगठन के समन्वयक फारुक शेख दोनों न्यायालयों में
फरियादी पक्ष को आवश्यक दस्तावेज़, तथ्य और कानूनी समन्वय उपलब्ध करा रहे हैं।
एकता संगठन शुरुआत से ही इस मामले में न्याय की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल है।
“सुलेमान खान के लिए न्याय हमारा संकल्प है” — फारुक शेख
जिसे मार दिया गया, वो बेगुनाह था,
और जो बच गए, उनकी ख़ामोशी गुनाह बन जाती,
इसलिए हम चुप नहीं रहेंगे।
सुलेमान खान जैसे निर्दोष युवक की हत्या करने वालों को
किसी भी कीमत पर कानूनी रियायत नहीं मिलनी चाहिए,
दोषियों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए,
और पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिलने तक
एकता संगठन यह लड़ाई आख़िरी सांस तक, बिना समझौते के लड़ता रहेगा —
ऐसा स्पष्ट और दो टूक ऐलान फारुक शेख ने किया।
इंसाफ़ देर से मिले तो भी मंज़ूर है,
लेकिन बेइंसाफ़ी अब बर्दाश्त नहीं!

फारुक शेख
एकता संगठन, जलगांव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top