अकसानगर मेहरूण इलाके में 5 दिसंबर 2025 को हुए दर्दनाक बिजली हादसे में मौलाना साबीर खान नवाज खान पठाण, आलिया साबीर खान पठाण और फातिमा अजीम पठाण का इंतकाल हो गया था। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को इंसाफ और फौरी मदद मिले, इसके लिए एकता संघटने ने मैदान में उतरकर ज्ञापन दिए, अधिकारियों से मुलाकात की और लगातार आवाज बुलंद रखी।
एकता संघटना की ठोस भूमिका और लगातार फॉलो-अप के चलते महावितरण प्रशासन को फैसला लेना पड़ा। तीनों मरहूम के वारिसों को प्रत्येकी 4 लाख रुपये मुआवजा मंजूर होने का आधिकारिक पत्र आज संगठन के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। यह रकम सीधे वारिसों के बैंक अकाउंट में जमा की जाएगी।
कार्यकारी अभियंता दत्तात्रय साळी, अप्पर अभियंता आढाव और अभियंता बडगुजर ने एकता संघटने के समन्वयक फारुक शेख के साथ जिया बागवान, हाफिज रहीम पटेल, जकी पटेल, इम्रान काकर, गुफरान शेख और अन्य साथियों को मंजूरी पत्र की कॉपी दी।
इस मौके पर समन्वयक फारुक शेख ने दो टूक कहा,
“इंसाफ मिलने तक संघर्ष हमारा रास्ता है, और मजलूमों के हक के लिए लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।”
संघटना ने प्रशासन का शुक्रिया अदा किया, लेकिन साथ ही सख्त लहजे में यह मांग भी रखी कि बिजली विभाग की लापरवाही से भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाएं दोबारा न हों। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और मजबूत सेफ्टी इंतजाम तुरंत लागू किए जाएं।
बेशक खोई हुई जानें वापस नहीं आ सकतीं, मगर संगठन की जद्दोजहद से परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है। इलाके में यह चर्चा है कि अगर आवाज मजबूती से उठाई जाए, तो हुकूमत और प्रशासन को फैसला लेना ही पड़ता है।