मुंबई: महाराष्ट्र में 30 साल पुराने केस में दो साल की सजा के बाद खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे की मंत्रिमंडल से छुट्टी हो गई है। माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे को अजित पवार ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को भेज दिया है। सूत्रों की मानें तो माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे को मंजूर कर लिया गया है। नासिक कोर्ट द्वारा दो साल की सजा और फिर गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद कोकाटे की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस के संज्ञान लेने पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कोकाटे के सभी विभाग अजित पवार को साैंप दिए थे। कोकाटे अभी लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। मंत्री पद से इस्तीफा होने के बाद अब उनके ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। कोकाटे को उम्मीद थी कि बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इससे पहले कोकाटे तब सुर्खियों में आए थे, जब वह कुछ वीडियो में विधानसभा के अंदर रमी खेलते हुए कैद हुए थे। तब वह कृषि मंत्री थे। विवाद के तूल पकड़ने पर उन्हें अजित पवार खेल विभाग सौंप दिया था।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ अजित पवार ने पार्टी के नेता और महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। पवार ने कहा है कि माणिकराव कोकाटे ने कोर्ट के फैसले के बाद मुझे अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हमारी पार्टी की पुरानी फिलॉसफी के अनुसार कि कानून का राज सबसे ऊपर है और सभी व्यक्तियों से ऊपर है, इस्तीफा सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। मैंने संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार कोकाटे का इस्तीफा मुख्यमंत्री को उचित विचार और स्वीकृति के लिए भेज दिया है। अजित पवार ने अपने बयान में कहा है कि हमारी पार्टी हमेशा से मानती है कि सार्वजनिक जीवन संवैधानिक नैतिकता, संस्थागत ईमानदारी और न्यायपालिका के प्रति सम्मान से निर्देशित होना चाहिए। हम कानून के राज के साथ मजबूती से खड़े हैं और ऐसे तरीके से काम करते रहेंगे जो लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के विश्वास को बनाए रखे।
माणिकराव कोकाटे की फडणवीस कैबिनेट से विदाई के बाद चर्चा शुरू हो गई कि राज्य में अब कोकाटे की जगह कौन मंत्री बनेगा। फिलहाल कोकाटे के विभागों का चर्चा राज्यपाल ने डिप्टी सीएम अजित पवार को साैंपा है। कोकाटे के 30 साल पुराने मामले में सजा होने से राज्य में राजनीति गरमा गई थी। चर्चा है कि धनंजय मुंडे की मंत्रिमंडल में वापसी हो सकती है। मुंडे एक दिन पहले दिल्ली पहुंचे थे। वहां उन्होंने 20 मिनट तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। धनजंय मुंडे एनसीपी के पहले नेता है। जिनका फडणवीस कैबिनेट से इस्तीफा हुआ था। तब उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था, उस वक्त पर विपक्ष सरपंच संतोष देशमुख की हत्या को लेकर मुंंडे के पीछे पड़ गया था।